Tuesday, 12 May 2015


सोये रहो हिन्दुओं और तब तक सोते रहना जब तक ये
मुल्ले राक्षस तुम्हारे चौखट तक न पहुँच जाएँ लेकिन तब तक
बहुत देर हो जाएगी क्योंकि तुमको सम्भलने का वक्त
भी नहीं मिलेगा और तुम्हारा अस्तित्व
नष्ट हो जाएगा जैसे अहिगणस्थान(अफगानिस्तान) मे हुआ, जैसे
सिंधप्रांत(पाकिस्तान) मे हुआ, जैसे बंगाल (बांगलदेश) मे हुआ,
जैसे ब्रह्म देश (म्यामार) मे हुआ, जैसे सोमालिया मे हुआ। जानते
हो कभी इन देशों मे सनातन संस्कृति का परचम लहराता
था लेकिन आज यहाँ हिन्दुओं का दूर- दूर तक कोई नामोनिशान
नहीं है।
इसी क्रम मे मैं आपको यह जानकारी दे दूँ
कि
१. तमिलनाडु के
रामनाथपुरम जिले के कई मुस्लिम बहुल गाँवों में
जमात कौंसिल ने फतवा जारी करके हिन्दुओं के प्रवेश
पर रोक लगा दी है और वहाँ बोर्ड लगा दिया है कि यहाँ
हिन्दुओं का यहाँ आना सख्त मना है।
२. पूर्वांचल का हाल इन से भी बुरा है,, कई जगह
हिंदी फिल्म भी नही चला
सकते,,
३. केरल में
ऑटोरिक्शा वाला कोई हिन्दू चिन्ह नही लगा
सकता और
४. राजस्थान के मेवात में
तो सभी श्मशान की जमीनों पर
कब्जे कर लिए गये
आज दिन
हिन्दुओ को अपने परिजन का दाहसंस्कार ही
सड़क पर करना पड़ता है
५. कश्मीर का हाल किसी से छिपा
नही है आये दिन
पाकिस्तान
के नारे लगते है और पूरी घाटी हिन्दू
विहीन हो
चुकी है आपको पता है यहाँ पर कभी
सनातन संस्कृति का
परचम लहराता था और यह स्थान महान संत श्री
पम्बन
स्वामी का भी रहा है जिन्होंने भाईचारे और
प्रेम के
साथ यहाँ पर सनातन परंपरा को जन-जन तक पहुँचाया
था।
लेकिन उनको क्या पता था कि हिन्दू-मुस्लिम
भाईचारे
का सन्देश देना इस संसार मे सबसे बड़ी मूर्खता
है।

राम राम
जय श्री राम
राम राम
जय श्री राम
राम सबको प्यारा है
राम को सब प्यारे है
राम के दो नैनो मे
सूरज चांद सितारे है
राम राम
जय श्री राम
राम राम
जय श्री राम
🚩🚩🚩🚩

मुगलो से ना मिटे हिंदू, अँग्रेज हार कर चले
गये,
सिकंदर जैसे बलशाली, मन को मार कर चले गये
।।
इस दुनिया मे जिसने भी, हिन्दू को मिटाना
चाहा है,
खुद ही चला गया दुनिया से, लेकिन हिंदू न
मिट पाया
है।।
शीश झुका कर जो आया, उसका सत्कार
किया हमने,
दुश्मन की भूल के बाद, उसको प्यार किया
हमने ।।

राममंदिर के लिए राज्यसभा में बहुमत चाहिए - राजनाथ सिंह

राज्यसभा में बहुमत न होने के बावजूद यदि दो दो बार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाया जा सकता है तो फिर मात्र एक बार राम मंदिर निर्माण कानून भी ल सकते है ।

राज्यसभा में राम मंदिर निर्माण कानून पास नहीं हो सकता है किन्तु आप एक बार लोकसभा में तो पास कर ही सकते है ।

यदि आप सच में राम मंदिर बनाना चाहते है तो संयुक्त सदन बुला करके भी पास करवा सकते है । यदि यह भी नहीं कर सकते तो देश में आपातकाल लगवा करके कानून पास करवाए ।

अगली बार आपको फिर सम्पूर्ण बहुमत मिलेगा । लोकसभा और राज्यसभा दोनों में ।

इस्कॉन कम्युनिटी (धर्म या गोरख धंदा) :

एक सज्जन से भेंट हुई थी तो वो केसरिया कपडे पहने , तिलक लगाये वैराग्य का उपदेश दे रहे थे , उम्र करीबन 20 साल ही होगी , पूछा वैराग्य क्यों लिया तो जवाब व्ही लाजमी सा था , पूछा की तुम्हारे घर में माँ बाप कहाँ है तो उसने कहा वहीं घर पर ही है , तो पूछा उनका ध्यान कौन रख रहा है , तो कहता कृष्ण , मैंने पूछा तो तुम्हे कृष्णा ने हाथ पैर क्यों दिए है , तो उसने कहा भक्ति के लिए , तो मैंने पूछा भक्ति के लिए तो मन चाहिए , सूरदास जी की आँखे नही थी फिर भी भक्ति की , क्या आप बिना हाथ पैर के नही कर सकते , तो कोई जवाब नही आया। मैंने पूछा गीता पढ़ी है , तो खुश होक जवाब दिया बहुत बार। मैंने पूछा कर्म योग क्या है , तो लाजमी है उसने गीता वाला ही जवाब दिया। तो मैंने पूछा तो तुम क्यों नपुंसक और कायरो की भांति कर्म छोड़ कर बैठ गए , कर्म क्यों नही किया , तो चुप था .वो बेचारा सच्चा था पर सच्चा गुरु नही है आज लोगो के पास जो ज्ञान दे सके .

इतना सब इसलिए सुना रहा हु क्युकी इस्कॉन में धर्म की आड़ में गोरख धंदा पल रहा है , ड्रग्स और सेक्स रैकेट चल रहा है। विश्वास नही है तो निचे दिए लिंक देखे। श्री प्रभुपाद ने इस्कॉन की स्थापना की थी , वो दुनिया भर में कृष्णा भक्ति का प्रचार कर उत्तम काम कर रहे थे , फिर क्या हुआ अचानक जो उनकी मौत हुई थी , अब आप कहेंगे की नही वो अपनी मौत मरे थे ठीक राजीव भाई की तरह ? तो ये बताइये की ऐन्द्र प्रभु की मृत्यु कैसी हुई थी , ये भी इस्कॉन के बहुत बड़े संत थे पर इनका नाम कहीं नही आया , इन्हे एक्सीडेंट कहके मार दिया गया , क्यों ? और आज इनके नाम पे चंदा इकठा कर के गोरख धंदे चल रहे है। https://www.youtube.com/watch?v=fwCymrYqw5s

Prabhupad को मरने वाले उन्ही के शिष्य थे , कौन थे वो। और क्यों मारा . आपके अपने इल्लू के प्यादे , प्रभुपाद को भी सिर्फ इसलिए मारा गया क्युकी वो जान चुके थे की दानव कृष्ण का इस्तेमाल करके बहुत बड़ा स्कैम रच रहे है फिर उन्हें मरवा के इस्कॉन को हाईजैक कर लिया गया। https://www.youtube.com/watch?v=nN_flsMxw2U

ये बाते यु ही नही लिख रहा , अनुराग भाई की कृपा से जो ज्ञान हुआ इर उसी से इनके बारे में सर्च किया और एक दो इस्कॉन के दोस्त है उनसे बाते हुई , तो उन्ही से ये ज्ञान मिला की इस्कॉन अब नही बचा है , इसे हाईजैक कर लिया गया है। उन्होंने ही मुझे जानकारी दी वृन्दावन के वैश्य वृति धंदे के बारे में। उसने तो यहां तक खा की वृन्दावन कुछ सालो बाद वैश्यावृति का केंद्र बना देंगे ये लोग , देखिये मेरे प्रभु तो हर जगह है आप किसी भी मंदिर जायेंगे चाहे निधि वन, चाहे बनके बिहारी , बल्कि में तो ये ही कहूँगा की मुख्या तो वहीं है। राजीव भाई ने इस बात का खुासा बहुत साल पहले ही कर दिया था की इस्कॉन का इस्तेमाल भारत को लूटने के लिए किया जा रहा है।

https://www.youtube.com/watch?v=DuM1AeEskYA

Prostitution in Vrindavan :

http://www.jaisiyaram.com/blog/ashram/6208-prostitution-in-ashrams-in-vrindavan-28-aug-10.html

http://news.vrindavantoday.org/2011/02/is-prostitution-part-of-vrindavans-tourist-trade/

http://www.iskcon-truth.com/poison/prabhupada-poisoned-overview.html

आप आज कल नोटिस कर रहे होंगे की हर मंदिर में अंग्रेज संत बहुत आने लगे है , लाइक इस्कॉन सबसे बड़ा example है , फिर स्वामी नारायण मंदिर और बहुत से ऐसे , पर फिर मन में प्रशन उठता है की यार ये तो बहुत ही धार्मिक है , ऊँची ऊँची छलांग लगाते है , खूब लोगो को अट्रैक्ट करते है फिर ये सब कैसे कर सकते है तो सरकार भावनाओ से बाहर निकालिये , और सच्चाई पहचानिये । में ये नही कह रहा की सारे इस्कॉन वाले धंदा करते है पर जी भी बंदा अछा है इतना ज़रूर पता है वहां उसका भी दम घुटता होगा। अभी कुछ साल पहले ही इस्कॉन डेल्ही की एक न्यूज़ आई थी जिसमे बन्दे ने बताया था की उसका शोषण हो रहा था . यकीं नही हो रहा तो तो खुद पढ़िए

http://krishna.org/iskcon-destroys-a-whole-generation-of-devotees-lives-updated/

वहां क्राइम करते है और यहां हिंदुस्तान में आकर सन्यासी बन जाते है और फिर गोरख धंदा। यही ही चल रहा है वहां। अब प्रभु भक्ति का प्रचार मात्र स्वांग बन के रह गया है। धीरे धीरे प्रभु को भी मॉडर्न बना देंगे और फिर कृष्णा को भी हाईजैक कर लेंगे। ऐसा ही एक छोटा सा रैकेट उड़ीसा में पकड़ा गया
https://groups.google.com/forum/#!topic/soc.culture.indian/LUttUQIVGNg

अब जो हो रहा है वो तो होगा ही पर आपको क्या करना है , कुछ नही दिमाग खोलिए और किसी बाबे के चक्कर में मत पढ़िए , कृष्णा ने गीता कलयुग की शुरुवात में इसलिए ही सुनाई थी की कलियुग्ग में भक्त गोरख धंदे में न फसे और श्रीमद भागवत गीत

एक अरब मुस्लिम लन्दन में एक बस में चढ़ा और उस ने बस
चालक से अनुरोध किया कि बस में बज रहे पाश्चात्य
संगीत को तत्काल बन्द कर दे .

बस चालक ने इस
का कारण पूछा तो अरब मुस्लिम ने
कहा कि इस्लाम की शिक्षा के अनुसार संगीत
सुनना हराम है क्यूँ कि प्यारे नबी के समय संगीत
नहीं था और विशेष रूप से पाश्चात्य संगीत .

बस चालक ने विनम्रतापूर्वक रेडियो बन्द कर दिया ,
बस का दरवाज़ा खोला और अरब मुस्लिम को बस से
नीचे उतर जाने का निवेदन किया .

अरब मुस्लिम ने
इस का कारण पूछा .

बस चालक ने विनम्रता से उत्तर
दिया --- " हे अरबी भाई प्यारे नबी के समय कोई
टेक्सी नहीं थी ,कोई बस नहीं थी , कोई बम
नहीं थे , हवाई जहाजों का अपहरण करने वाले
नहीं थे , मसजिद में शोरगुल मचाने वाले
लाउडस्पीकर नहीं थे , कोई आत्मघाती हमले
नहीं होते थे , आर डी एक्स नहीं था , ए के 47
नहीं थी , सर्वत्र केवल शान्ति थी अतः चुपचाप
नीचे उतर जाओ और गंतव्य तक पहुँचने के लिए ऊँट
का इन्तजार करो .....

अरे भाई मुहम्मद से पहले मुस्लिम कौन हुआ जब इस्लाम ही नहीं था ? तुम अल्लाह के बन्दों का कॉमन सेंस की चटनी बनी हुयी है ? तू हज़ार बार नहीं लाखों बार भी मस्जिद में माथा पटकेगा तो भी इस्लाम १४०० साल के पहले नहीं जा पायेगा ...... मुहम्मद का बाप क्या मुस्लमान था ? कैसे था अगर इस्लाम ही नहीं था तब ? अरब देश का नाम था और्व .......... “हिस्ट्री ऑफ पर्शिया” के लेखक साइक्स ने ये लिखा है .... १४०० साल पहले जन्मे हो और अब ये साबित करते हो कि धरती सूरज चाँद सब तुमने ही बना दिया... अरे सारे शर्म लिहाज ख़त्म कर चुके हो क्या ?
मोहम्मद पैदा हुआ तो वैदिक संस्कृति था वहाँ .. हिन्दू था वो ... उसके चाचा उमर-बिन-ए-हश्शाम प्रसिद्द सनातनी विद्वान् था... जिसने मुहम्मद के इस तरह से वैदिक धर्म के विरोध को गलत ठहराया तो मुहम्मद ने अपने चाचा का ही क़त्ल कर दिया .......इसके चाचा का इतना सम्मान होता था अरब में कि अरबी समाज, जो कि भगवान शिव के भक्त थे उन्हें अबुल हाकम अर्थात ‘ज्ञान का पिता’ कहते थे।
और जब इस्लाम बना दिया एक किताब के जरिये तो उस किताब को मानने वाले उसके चाचा को ‘अज्ञान का पिता’ कह कर अपमानित करने लगे जैसे कि आज मुस्लिम हिन्दुओं को करते हैं या समझते हैं ....
जब मोहम्मद ने मक्का पर आक्रमण किया, उस समय वहाँ बृहस्पति, मंगल, अश्विनी कुमार, गरूड़, नृसिंह की मूर्तियाँ प्रतिष्ठित थी। साथ ही एक मूर्ति वहाँ विश्वविजेता महाराजा बलि की भी थी............मोहम्मद ने उन सब मूर्त्तियों को तोड़कर वहाँ बने कुएँ में फेंक दिया, किन्तु तोड़े गये शिवलिंग का एक टुकडा आज भी काबा में सम्मानपूर्वक प्रतिष्ठित है,
बल्कि हिन्दू देख ना लें कि काबा में शिवलिंग का टुकड़ा है...इसलिए चादर से ढँक कर छुपा कर रखते हैं और जो भी काबा के लिए जाते हैं वो लौट कर शर्म से ये बात बताते ही नहीं . ..... किस मुंह से बताएँगे कि जिंदगी भर काफिरों से नफरत करने वाला काफिरों के भगवन के आगे झुक कर आया है .... ?