Sunday, 17 May 2015

जमनालाल बजाज

जमनालाल बजाज का जन्म 1889 ई. में जयपुर में हुआ था।
इन्हें वर्धा के एक धनवान दम्पत्ति ने गोद ले लिया था।
वे 1915 ई. में गांधीजी के सम्पर्क में आए तथा जीवनभर उनसे प्रभावित रहे।
1920 ई. में वे कांग्रेस के कोषाध्यक्ष बने तथा इस पद पर यह जीवनभर रहे।
1924 ई. में वे नागपुर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने।
1921 ई. में उन्होंने रायबहादुर की अपनी पदवी त्याग दी तथा वर्धा में ‘सत्याग्रह आश्रम’ की स्थापना की।
इसके अलावा गौ सेवा संघ, गांधी सेवा संघ, सस्ता साहित्य मण्डल आदि संस्थाआं की स्थापना भी उनके द्वारा की गई।
उन्होंने 1936 ई. को गांधी को सेगान नामक गांव उपहार में दिया, जिसका गांधी ने ‘सेवाग्राम’ नाम रखा।
उन्होंने ग्रामीण उद्योगों पर बल दिया।
वे जाति भेद के विरोधी थे तथा उन्होंने हरिजन उत्थान के लिए भी प्रयत्न किया।
कांग्रेस के आन्दोलनों में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही।
1942 ई. में उनकी मृत्यु हो गई।
आपकी स्मृति में सामाजिक क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने के लिये जमनालाल बजाज पुरस्कार की स्थापना की गयी है

No comments:

Post a Comment